सिर्फ 100 रुपये रोज़ और 10 साल में 7 लाख रुपये! गरीब भी अमीर बन सकता है
अगर कोई आदमी यह सोचता है कि छोटी बचत से कुछ नहीं होता तो वह बहुत बड़ी गलतफहमी में है,क्योंकि सच्चाई यह है कि रोज़ की छोटी-छोटी आदतें ही इंसान का भविष्य तय करती हैं।रोज़ सिर्फ 1 रुपया बचाने वाला आदमी 10 साल में बिना ब्याज के 3,650 रुपये जोड़ लेता है और अगर वही पैसा सही जगह लगाया जाए तो 6 से 7 हजार तक पहुंच सकता है।रोज़ 50 रुपये बचाने से 10 साल में करीब 1 लाख 82 हजार रुपये सीधे जमा हो जाते हैं और निवेश के साथ यह रकम 3 लाख से ज्यादा बन सकती है।रोज़ 100 रुपये बचाने वाला आदम बिना ब्याज के 3 लाख 65 हजार और ब्याज के साथ 7 लाख रुपये तक पहुंच सकता है।सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जो आदमी रोज़ 500 रुपये चाय,गुटखा,सिगरेट या फालतू खर्च में उड़ा देता है,अगर वही आदमी ये पैसे बचा ले तो 10 साल में उसके पास 18 लाख से लेकर 35 लाख रुपये तक हो सकते हैं।यानी अमीर बनने के लिए न तो लॉटरी चाहिए और न ही बड़ी नौकरी,सिर्फ रोज़ की समझदारी चाहिए।जो आदमी यह कहता है कि मेरे पास बचाने को कुछ नहीं है,असल में वही आदमी सबसे ज्यादा नुकसान में रहता है।छोटी बचत आज दर्द देती है लेकिन बड़ी गरीबी से बचा लेती है,इसलिए आज बचत शुरू करो ताकि कल पछताना न पड़े।
अगर कोई आदमी रोज़ सिर्फ 500 रुपये बचा ले तो 10 साल में कितना पैसा बन सकता है, इसे हम बिल्कुल आसान भाषा में, उदाहरण के साथ समझते हैं ताकि अनपढ़ इंसान भी आसानी से समझ सके और कोई कन्फ्यूजन न रहे।अब सबसे पहले बिना किसी ब्याज के सिर्फ बचत का हिसाब समझिए।अगर आप रोज़ 500 रुपये अलग रख देते हैं तो एक दिन में 500 रुपये हुए।एक महीने में लगभग 30 दिन होते हैं,तो 500×30=15,000 रुपये एक महीने में बचेंगे।अब एक साल में 12 महीने होते हैं,तो 15,000×12=1,80,000 रुपये एक साल में हो गए।अब यही काम अगर आप लगातार 10 साल तक करते हैं,तो 1,80,000×10=18,00,000 रुपये नहीं बल्कि असल में 500×365×10=18,25,000 रुपये हो जाते हैं।मतलब बिना किसी ब्याज के भी सिर्फ रोज़ 500 रुपये बचाकर 10 साल में करीब 18 लाख 25 हजार रुपये इकट्ठा हो जाते हैं।अब इसे एक आम उदाहरण से समझिए।मान लीजिए कोई मजदूर,दुकानदार या छोटा कर्मचारी रोज़ चाय-सिगरेट,गुटखा या फालतू खर्च में 500 रुपये उड़ा देता है।अगर वही आदमी रोज़ ये पैसे बचा ले तो 10 साल बाद उसके पास 18 लाख से ज्यादा रुपये होंगे,जो उसके लिए बहुत बड़ी रकम है।अब दूसरा
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उदाहरण समझिए जिसमें पैसा बढ़ता भी है।अगर यही 500 रुपये रोज़ बचाकर आप बैंक,पोस्ट ऑफिस या म्यूचुअल फंड जैसी जगह जमा करते हैं और औसतन 12% सालाना ब्याज मिल जाता है,तो कहानी बदल जाती है।रोज़ 500 रुपये मतलब महीने के 15,000 रुपये।अगर 15,000 रुपये महीने की SIP 10 साल तक चलती है और औसतन 12% रिटर्न मिलता है,तो आपके जमा किए गए कुल पैसे करीब 18 लाख होंगे लेकिन ब्याज मिलाकर अंतिम रकम लगभग 34 से 35 लाख रुपये तक पहुंच जाती है।यानी आपका पैसा लगभग दोगुना हो जाता है।इसे ऐसे समझिए जैसे आप एक छोटा पौधा रोज़ पानी देते हैं
।पहले कुछ समय कुछ खास नहीं दिखता,लेकिन सालों बाद वही पौधा बड़ा पेड़ बन जाता है।ठीक वैसे ही रोज़ की छोटी बचत आगे चलकर लाखों में बदल जाती है।निष्कर्ष सीधा सा है कि अमीर बनने के लिए बड़ी कमाई नहीं बल्कि रोज़ की आदत चाहिए।अगर आज से कोई भी आदमी रोज़ 500 रुपये बचाने की आदत बना ले तो 10 साल बाद उसके पास 18 लाख से 35 लाख रुपये तक हो सकते हैं,यह इस बात पर निर्भर करता है कि वह पैसा सिर्फ रखता है या सही जगह निवेश भी करता है।
अगर कोई आदमी रोज़ सिर्फ 100 रुपये बचा ले तो 10 साल में कितना पैसा बन सकता है,इसे हम बिल्कुल आसान भाषा में उदाहरण के साथ समझते हैं ताकि अनपढ़ इंसान भी बिना दिक्कत समझ सके।सबसे पहले बिना ब्याज के सीधी बचत समझिए।रोज़ 100 रुपये मतलब एक दिन में 100 रुपये।एक महीने में लगभग 30 दिन होते हैं,तो 100×30=3,000 रुपये महीने के हुए।एक साल में 12 महीने होते हैं,तो 3,000×12=36,000 रुपये एक साल में बचेंगे।अब अगर यही काम लगातार 10 साल तक किया जाए,तो 36,000×10=3,60,000 रुपये नहीं बल्कि असल गिनती से 100×365×10=3,65,000 रुपये हो जाते हैं।मतलब सिर्फ रोज़ 100 रुपये बचाकर भी 10 साल में करीब 3 लाख 65 हजार रुपये इकट्ठा हो जाते हैं,बिना किसी ब्याज के।अब इसे आसान उदाहरण से समझिए।मान लीजिए कोई आदमी रोज़ चाय,बीड़ी,गुटखा या फालतू खर्च में 100 रुपये उड़ा देता है।अगर वही आदमी रोज़ ये पैसे बचा ले तो 10 साल बाद उसके पास साढ़े तीन लाख से ज्यादा रुपये होंगे,जो जरूरत के समय बहुत काम आएंगे।अब दूसरा उदाहरण
समझिए जिसमें पैसा बढ़ता भी है।अगर यही 100 रुपये रोज़ बचाकर आप बैंक,पोस्ट ऑफिस या म्यूचुअल फंड में जमा करते हैं।रोज़ 100 रुपये मतलब महीने के 3,000 रुपये।अगर 3,000 रुपये महीने की SIP 10 साल तक चलती है और औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलता है,तो आपके कुल जमा पैसे करीब 3.6 लाख रुपये होंगे लेकिन ब्याज मिलाकर अंतिम रकम लगभग 6.5 से 7 लाख रुपये तक हो सकती है।इसे ऐसे समझिए जैसे रोज़ एक-एक ईंट जोड़ते जाओ,शुरुआत में ढेर छोटा लगेगा लेकिन सालों बाद वही ईंटें मिलकर मजबूत घर बना देती हैं।निष्कर्ष सीधा है कि छोटी बचत बेकार नहीं होती।जो आदमी रोज़ 100 रुपये भी नहीं बचा पाता,वही आदमी 10 साल बाद खाली हाथ रह जाता है,और जो रोज़ 100 रुपये बचा लेता है,वह लाखों का मालिक बन सकता है।यह जानकारी आम आदमी के लिए बहुत जरूरी है
अगर कोई आदमी रोज़ सिर्फ 50 रुपये बचा ले तो 10 साल में कितना पैसा बन सकता है,इसे हम बिल्कुल आसान भाषा में उदाहरण के साथ समझते हैं ताकि अनपढ़ इंसान भी आराम से समझ जाए।सबसे पहले बिना ब्याज के सीधी बचत समझिए।रोज़ 50 रुपये मतलब एक दिन में 50 रुपये।एक महीने में लगभग 30 दिन होते हैं,तो 50×30=1,500 रुपये महीने के हुए।एक साल में 12 महीने होते हैं,तो 1,500×12=18,000 रुपये एक साल में बचेंगे।अब अगर यही आदत 10 साल तक लगातार निभाई जाए,तो असल गिनती से 50×365×10=1,82,500 रुपये हो जाते हैं।मतलब सिर्फ रोज़ 50 रुपये बचाकर भी 10 साल में करीब 1 लाख 82 हजार 500 रुपये इकट्ठा हो जाते हैं,बिना किसी ब्याज के।अब इसे बहुत आसान उदाहरण से समझिए।मान लीजिए कोई आदमी रोज़ एक पान,बीड़ी,चाय या छोटी-मोटी फालतू चीज़ पर 50 रुपये खर्च कर देता है।अगर वही आदमी रोज़ ये 50 रुपये बचा ले तो 10 साल बाद उसके पास करीब पौने दो लाख रुपये होंगे,जो किसी गरीब या आम आदमी के लिए बहुत बड़ी रकम है।अब दूसरा उदाहरण समझिए जिसमें पैसा बढ़ता भी है।अगर यही 50 रुपये रोज़ बचाकर आप बैंक,पोस्ट ऑफिस या म्यूचुअल फंड में जमा करते हैं।रोज़ 50 रुपये मतलब महीने के 1,500 रुपये।अगर 1,500 रुपये महीने की SIP 10 साल तक चलती है और औसतन 12% सालाना रिटर्न मिल जाता है,तो आपके कुल जमा पैसे करीब 1.8 लाख रुपये होंगे लेकिन ब्याज मिलाकर अंतिम रकम लगभग 3 लाख से 3.5 लाख रुपये तक पहुंच सकती है।इसे ऐसे समझिए जैसे रोज़ एक-एक सिक्का मिट्टी के घड़े में डालते जाओ।शुरुआत में घड़ा खाली लगेगा लेकिन सालों बाद वही घड़ा भरकर भारी हो जाता है।निष्कर्ष बिल्कुल साफ है कि बड़ी कमाई जरूरी नहीं होती,जरूरी होती है रोज़ की आदत।जो आदमी रोज़ सिर्फ 50 रुपये बचाने की आदत बना लेता है,वह 10 साल बाद खाली हाथ नहीं रहता बल्कि उसके पास लाखों के बराबर पैसा खड़ा हो जाता है।
अगर कोई आदमी रोज़ सिर्फ 1 रुपया बचा ले तो 10 साल में कितना पैसा बन सकता है,इसे हम बिल्कुल आसान भाषा में उदाहरण के साथ समझते हैं ताकि अनपढ़ इंसान भी आराम से समझ जाए।सबसे पहले बिना ब्याज के सीधी बचत समझिए।रोज़ 1 रुपया मतलब एक दिन में 1 रुपया।एक महीने में लगभग 30 दिन होते हैं,तो 1×30=30 रुपये महीने के हुए।एक साल में 12 महीने होते हैं,तो 30×12=360 रुपये एक साल में बचेंगे।अब अगर यही आदत 10 साल तक लगातार निभाई जाए,तो असली गिनती से 1×365×10=3,650 रुपये हो जाते हैं।मतलब सिर्फ रोज़ 1 रुपया बचाकर भी 10 साल में 3 हजार 650 रुपये इकट्ठा हो जाते हैं,बिना किसी ब्याज के।अब इसे बहुत आसान उदाहरण से समझिए।मान लीजिए कोई आदमी रोज़ ज़मीन पर पड़ा हुआ 1 रुपया भी नहीं उठाता या सोचता है कि 1 रुपये से क्या होगा।लेकिन अगर वही आदमी रोज़ 1 रुपया अलग रख दे तो 10 साल बाद उसके पास ढाई-तीन हजार नहीं बल्कि पूरे 3,650 रुपये होंगे।अब दूसरा
उदाहरण समझिए जिसमें पैसा बढ़ता भी है।अगर यही 1 रुपया रोज़ बचाकर किसी जगह जमा किया जाए जहाँ औसतन 12% सालाना ब्याज मिलता है।रोज़ 1 रुपया मतलब महीने के 30 रुपये।अगर 30 रुपये महीने की SIP या बचत 10 साल तक चले तो कुल जमा पैसा 3,600 रुपये होगा और ब्याज मिलाकर अंतिम रकम करीब 6,000 से 7,000 रुपये के आसपास हो सकती है।इसे ऐसे समझिए जैसे रोज़ एक-एक दाना बोया जाए।एक दाना बेकार लगता है लेकिन सालों बाद वही दाने बहुत सारी फसल बन जाते हैं।निष्कर्ष बिल्कुल सीधा है कि रकम छोटी नहीं होती,सोच छोटी होती है।जो आदमी रोज़ 1 रुपया भी बचाने की आदत नहीं डाल पाता,वह बड़ी रकम कभी नहीं बना पाता,और जो आदमी रोज़ 1 रुपया बचाना शुरू कर देता है,वही आगे चलकर 50,100 और 500 रुपये भी बचाने की ताकत बना लेता है।यह जानकारी आम आदमी के लिए बहुत जरूरी है और
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